छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई है। स्कूल में पढ़ने वाले मासूम बच्चों तक अब प्रतिबंधित नशीली दवाएं पहुंचने लगी हैं। पंचशील नगर स्थित चंद्रशेखर आजाद स्कूल के 9वीं और 10वीं कक्षा के 8 छात्रों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि बच्चों ने ‘ज़ोलपिडैम-10’ नाम की नींद की दवा खाई थी।
जानकारी के मुताबिक, 10वीं कक्षा का एक छात्र यह दवा स्कूल लेकर आया और अपने साथियों में बांट दी। पहले एक छात्र की तबीयत बिगड़ी, फिर अगले दिन सात और बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों की हालत देखकर परिजनों में दहशत फैल गई और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने मौके से दवा बरामद कर जांच शुरू कर दी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक नाबालिग छात्र तक डॉक्टर के पर्चे से मिलने वाली यह प्रतिबंधित दवा पहुंची कैसे? क्या मेडिकल स्टोर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है?
यह घटना सिर्फ एक स्कूल की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

