दुर्ग जिले के कुम्हारी में हुए दर्दनाक अग्निकांड मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है।
जिला प्रशासन को सौंपी गई संयुक्त जांच रिपोर्ट में साफ किया गया है कि झोपड़ी में आग बिजली के खंभे से हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से नहीं, बल्कि गैस सिलेंडर के रेगुलेटर से गैस लीकेज होने के कारण लगी थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, झोपड़ी के अंदर गैस रिसाव होने के बाद अचानक आग भड़की और वहां रखी डीजल से भरी शीशी ने आग को और भयावह बना दिया।
देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।
जांच में सामने आया है कि महज 2 मिनट 47 सेकंड के भीतर ही चार लोगों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई थी।
घटना इतनी भयावह थी कि परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
संयुक्त जांच टीम ने मौके से मिले सबूत, तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बिजली विभाग पर लगाए गए शॉर्ट सर्किट के आरोपों को खारिज कर दिया है।
साथ ही अनिल वैष्णव के बेटे के बयान ने भी इस पूरी घटना की सच्चाई को सामने ला दिया।
अब इस रिपोर्ट के आधार पर दुर्ग कलेक्टर Abhijeet Singh आगे की कार्रवाई के निर्देश देंगे।
फिलहाल इस खुलासे के बाद इलाके में कई सवाल खड़े हो गए हैं और लोग इस दर्दनाक हादसे को लेकर अब भी सदमे में हैं।

