नगर पालिका निगम भिलाई द्वारा स्मृति नगर क्षेत्र को नगर निगम में समाहित करने के प्रयास पर चल रहे विवाद मैं एक नया मोड़ आ गया है जहां एक और उच्च न्यायालय द्वारा निगम को विधि संगत कार्य नहीं करने पर जोरदार फटकार लगाई गई थी इसके बाद निगम आयुक्त द्वारा पूरी प्रक्रिया विधिवत पुरी की जा रही है परंतु दावा आपत्तियों के व्यक्तिगत सुनवाई के लिए स्मृति नगर के रहवासियों को आमंत्रित किया गया था जिसके तहत 6 अप्रैल दिन सोमवार को अंतिम व्यक्तिगत सुनवाई हेतु निगम आयुक्त द्वारा क्षेत्र वासियों को बुलाया गया था परंतु पिछली दो सुनवाई की तरह तीसरी और अंतिम सुनवाई पर भी निगम आयुक्त के साथ-साथ निगम के अन्य अधिकारी भी नदारत रहे और फिर एक बार निगम के कर्मचारियों ने सिर्फ दावा आपत्ति के फॉर्म को जमा किया जिससे व्यक्तिगत सुनवाई करने पहुंचे स्मृति नगर क्षेत्र वीडियो में आक्रोश भड़क गया और उन्होंने साफ कहा कि जब सनी करनी ही नहीं है तो बुलाने का क्या फायदा है वहीं दूसरी ओर निगम आयुक्त की अनुपस्थिति में इस मामले पर नगर पालिका निगम भिलाई के जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि यह प्रक्रिया का एक हिस्सा है और तीन बार दावा आपत्ति लेने के बाद इन दावा आपत्तियों पर निगम आए तो द्वारा विचार किया जाएगा और उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा 6 अप्रैल को स्मृति नगर वासियों की अंतिम सुनवाई पर निगम आयुक्त अनुपस्थित रहे और हैरानी की बात यह है कि उनकी अनुपस्थिति पर आयुक्त महोदय ने किसी अन्य अधिकारी को भी वहां उपस्थित रहने के आदेश नहीं दिए एक बार पुणे निगम आयुक्त अपनी हठधर्मिता का परिचय देते हुए विधि संगत कार्य करने से बचते नजर आ रहे हैं आगे इसका क्या असर होगा यह देखने वाली बात होगी।

