अन्नपूर्णा मुहिम: निराश्रितों के लिए बनी उम्मीद की किरण

अन्नपूर्णा मुहिम उस योजना का नाम है जीस योजना के तहत पूर्णतः निराश्रित लोगों को प्रत्येक महीने उनके भरण पोषण का खर्च उठाने का बीड़ा उठाया गया है इसके तहत निराश्रित परिवारों को राशन शिक्षा स्वास्थ्य और मकान जैसे जरूरत के सामान उपलब्ध कराए जाते हैं इस मुहिम की शुरुआत आठ माह पूर्व पाटन ब्लॉक से हुई थी एवं 6 महीना से दुर्ग जिले में भी जलाई जा रही है दुर्ग जिले के 6 परिवारों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है इस मुहिम को चलने वाले कोई और नहीं बल्कि हरियाणा राज्य के संत रामपाल जी महाराज है इस योजना के तहत मुक्तिधाम भिलाई के पास निवास करने वाले दो परिवारों को छठवीं बार सहायता देने सतलोक आश्रम मैत्री कुंज रिसाली के लोग अपनी टीम के साथ पहुंचे और बताया कि उनके आराध्य संत रामपाल जी महाराज ने इस योजना की शुरुआत कैसे की और क्यों की लगातार छठवीं बार सहायता प्रकार यह दोनों निराश्रित परिवार भी अपनी उम्मीद भरी आंखों से संस्था के सदस्यों को कोटि-कोटि धन्यवाद कर रहा था और कहीं ना कहीं यह भी सोच रहा था की जिसका कोई नहीं होता उसके लिए यह संस्था ही सब कुछ होती है लगभग जितनी संस्थाएं इस प्रकार की सहायता करती है उनके कुछ शर्त होते हैं परंतु यह पहले संस्था हमें दिखाई जिससे जुड़ना भी काफी आसान है और ऐसे परिवार जो पूर्णता निराश्रित है उनकी सूचना भी देना काफी आसान है सूचना मिलने पर यह लोग स्वयं उसे परिवार से संपर्क करते हैं और उनकी जरूरत को पूरा करते हैं और सबसे बड़ी बात कि यह संस्था अपने सदस्यों को छोड़कर बाहर किसी से सहयोग नहीं लेती है ऐसी संस्था को नमन है जो दुखी आत्माओं का दुख समाप्त करने के अभियान में लगी हुई है।

By editor