भिलाई चाकूबाजी कांड में दूसरी मौत

भिलाई के खुर्सीपार इलाके में हुई चाकूबाजी की सनसनीखेज घटना ने अब और भी दर्दनाक मोड़ ले लिया है। 25 अप्रैल को बालाजी नगर में हुए खूनी हमले में घायल दूसरे युवक सुनील कन्हायी की भी इलाज के दौरान मौत हो गई है। सुनील ने करीब 13 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया, लेकिन आखिरकार शुक्रवार को उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

इस घटना के बाद पूरे इलाके में एक बार फिर तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया है। इससे पहले इस हमले में घायल रजत कुशवाहा की मौत हो चुकी थी, और अब दूसरे युवक की मौत के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है।

जानकारी के मुताबिक, खुर्सीपार के बालाजी नगर इलाके में 25 अप्रैल की रात किसी बात को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी। इसी दौरान आरोपी गोलू सिंह ने अचानक हिंसक रूप धारण कर लिया। बताया जा रहा है कि जब रजत कुशवाहा और उसका दोस्त सुनील कन्हायी बीच-बचाव करने पहुंचे, तभी आरोपी ने दोनों युवकों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

हमले में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान पहले रजत कुशवाहा ने दम तोड़ दिया था, जबकि सुनील कन्हायी की हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी।

सुनील का इलाज भिलाई के स्पर्श अस्पताल में चल रहा था, जहां डॉक्टरों की टीम उसे बचाने की लगातार कोशिश कर रही थी। लेकिन शरीर पर गंभीर चोट और अत्यधिक खून बहने के कारण शुक्रवार को उसकी भी मौत हो गई।

दूसरे घायल की मौत के बाद अब यह मामला दोहरी हत्या में बदल गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में हत्या की धाराओं को और बढ़ाया जाएगा। वहीं आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

घटना के तत्काल बाद ही खुर्सीपार पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मुख्य आरोपी गोलू सिंह को गिरफ्तार कर लिया था और उसे जेल भेज दिया गया था। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है और घटना से जुड़े हर पहलू को खंगालने में जुटी हुई है।

इस दर्दनाक वारदात के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ती हिंसा और चाकूबाजी की घटनाएं शहर में चिंता का विषय बनती जा रही हैं। लोगों ने प्रशासन से अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।


By editor