कुम्हारी में मां महामाया दरबार में उमड़ी आस्था की भीड़

कुम्हारी में स्थित है मां महामाया का दिव्य दरबार जहां वर्ष के दोनों ही नवरात्र में भक्त जनों द्वारा विशेष मनोकामनाएं मांगी जाती है और कहां जाता है कि इस मंदिर में मांगी हुई मनोकामनाएं शत प्रतिशत पूर्ण होती है इस वर्ष भी चैत्र नवरात्र में मां महामाया की पूजा अर्चना पूरे विधि विधान और भक्ति भाव से श्रद्धालुओं द्वारा की जा रही है नवरात्रि के पंचमी पर्व के अवसर पर कुम्हारी स्थित महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं इस अवसर पर मंदिर में विशेष 2217 मनोकामना ज्योति कलश स्थापित किए गए, श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से माता महामाया की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की और श्रृंगार सामग्री अर्पित की। मंदिर में गूंजते जय माता दी के जयकारों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। मां महामाया दरबार कुम्हारी के मुख्य पुजारी दिलीप कुमार मिश्रा ने बताया कि पंचमी के अवसर पर माता का विशेष श्रृंगार किया गया है और बड़ी संख्या में हर वर्ग के श्रद्धालुओं के द्वारा ज्योति कलश स्थापित किए गए हैं, जो भक्तों की विभिन्न मनोकामनाओं से जुड़े हैं। इस महामाया दरबार में जिन भक्तों की मुरादे पूरी होती जाती है वह इसी तरह इस मंदिर परिसर में अपने नाम का ज्योति कलश अवश्य प्रज्वलित करते हैं और इस प्रकार के ज्योति कलशो की संख्या प्रतिवर्ष बढ़ते ही जा रही है क्योंकि इस पावन दरबार में मांगी हुई मुरादे कभी खाली नहीं जाती इस कलयुग में मां दुर्गा की एक ऐसी देवी है जिन्हें वर्ष भर में चार बार नवरात्र के माध्यम से पूजा जाता है जिसमें दो प्रत्यक्ष और दो गुप्त नवरात्र होते हैं और दो प्रत्यक्ष नवरात्रों में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व भी बताया जाता है। इस नवरात्र में माता के भक्तों की भक्ति देखने लायक होती है कोई इस भीषण गर्मी में खाली पर नौ दिनों तक चलता है तो कोई पूरे 9 दोनों का निर्जला व्रत भी रखकर माता रानी को अपनी भक्ति अर्पित करता है और माता रानी अपने चारो नवरात्रा में अपने हर भक्त की मनोकामनाओं को पूर्ण करती है

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