दुर्ग से एक चौंकाने वाली और विवादों से घिरी घटना सामने आई है, जहां कानून की रक्षा करने वाली वर्दी पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।
एक ज्वेलरी शॉप के अंदर लेडी हेड कॉन्स्टेबल और एक महिला के बीच हुई हिंसक झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दोनों के बीच तीखी बहस के बाद मामला इतना बढ़ जाता है कि दोनों एक-दूसरे के बाल खींचते हुए मारपीट करते नजर आते हैं।
बताया जा रहा है कि पूरा विवाद ज्वेलरी शॉप में हॉलमार्क के नाम पर कथित धोखाधड़ी और एडवांस पैसे वापस मांगने को लेकर शुरू हुआ था। पीड़िता का आरोप है कि दुकान संचालक ने पहले तो पैसे वापस करने से इनकार किया और जब उसने विरोध किया, तो उस पर हाथ उठाने की कोशिश की गई।
पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मौके पर मौजूद लेडी हेड कॉन्स्टेबल ने भी उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, उसने यह भी दावा किया है कि उसकी बुजुर्ग मां को भी कॉन्स्टेबल द्वारा लात मारी गई, जो बेहद चिंताजनक और संवेदनशील मामला बन गया है।
घटना के बाद पीड़िता को रात भर थाने में रखा गया। आरोप है कि उसे उसके 10 महीने के मासूम बच्चे से मिलने तक की इजाजत नहीं दी गई, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।
महिला का यह भी कहना है कि ज्वेलरी शॉप ने उसे पुरानी तारीख का बिल देकर ठगी की है, जिससे पूरे मामले में धोखाधड़ी का एंगल भी सामने आ रहा है।
अब इस मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। शिकायत दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है।
वहीं, इस पूरे विवाद पर ज्वेलरी शॉप के मालिक कल अपना पक्ष रखेंगे, जिसके बाद मामले में और नए खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल, यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है—क्या वर्दी का रौब कानून से ऊपर है? और क्या आम नागरिक को न्याय मिल पाएगा?

