दुर्ग में अतिथि शिक्षकों की हड़ताल लगातार चौथे दिन भी जारी रही। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने इस बार अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को सद्बुद्धि मिले और सरकार जल्द उनकी मांगों पर निर्णय ले, इसके लिए हवन-पूजन किया।
हड़ताल के दौरान पूर्व विधायक अरुण वोरा भी अतिथि शिक्षकों के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षकों से जो वादे किए हैं, उन्हें हर हाल में निभाना चाहिए। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अतिथि शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होना चाहिए।
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि वे मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं और लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। शिक्षकों ने कहा कि हड़ताल के चलते बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, लेकिन मजबूरी में उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
शिक्षकों ने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि उनकी मांगें पूरी होते ही वे तत्काल अपने कार्य पर लौट जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई दोबारा सुचारु रूप से शुरू हो सके।

