दुर्ग फिर दहला, एक ही परिवार के 4 लोगों की संदिग्ध मौत

दुर्ग जिले में कुम्हारी अग्निकांड का दर्द अभी लोगों के जहन से मिटा भी नहीं था कि शुक्रवार सुबह शहर एक और दिल दहला देने वाली घटना से कांप उठा।
मोहन नगर थाना क्षेत्र के आर्यनगर में एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।

मृतकों की पहचान गोविंद साहू, उनकी पत्नी चंचल साहू, बेटी दृष्णा और बेटे शशांक के रूप में हुई है।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर DIG Vijay Agrawal, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Sukhnandan Rathore, एफएसएल टीम और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे।

घटनास्थल का दृश्य बेहद खौफनाक था।
दोनों बच्चों के शव कमरे में बेड पर पड़े मिले, जबकि मां चंचल साहू का शव फंदे पर लटका हुआ था।
वहीं गोविंद साहू का शव दूसरे कमरे में मिला और पति-पत्नी दोनों के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि घर के दूसरे हिस्से में परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे, लेकिन किसी को इस पूरी घटना की भनक तक नहीं लगी।
सुबह जब गोविंद रोज की तरह ध्यान के बाद बाहर नहीं आए, तब मां उन्हें देखने पहुंचीं और दरवाजा खुलते ही चारों शव देखकर चीख उठीं।

पड़ोसियों और करीबियों के मुताबिक यह परिवार बेहद खुशहाल और मिलनसार था।
महज एक हफ्ते पहले ही पूरा परिवार तिरुपति बालाजी के दर्शन कर लौटा था।
गुरुवार रात तक घर में सब कुछ सामान्य था और सभी ने साथ बैठकर खाना भी खाया था।

जांच के दौरान पुलिस को कमरे से शराब की तीन खाली बोतलें और दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला है।
बताया जा रहा है कि नोट में मानसिक तनाव, पारिवारिक परेशानी और बच्चों को साथ ले जाने जैसी बातें लिखी गई हैं।

चर्चा यह भी है कि शेयर मार्केट के कारोबार से जुड़े गोविंद साहू पिछले कुछ समय से आर्थिक दबाव और कर्ज से परेशान थे।
प्रथम दृष्ट्या आशंका जताई जा रही है कि पहले बच्चों को जहर दिया गया और फिर पति-पत्नी ने आत्महत्या की, लेकिन दोनों के मुंह में कपड़ा ठूंसे होने से मामला और ज्यादा संदिग्ध हो गया है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद दुर्ग शहर विधायक एवं कैबिनेट मंत्री Gajendra Yadav भी मृतक परिवार के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की।

फिलहाल पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच कर रही है।
सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ पाएगी।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है…
जो परिवार कुछ दिन पहले भगवान के दर्शन कर खुशियां मना रहा था, आखिर उसके साथ ऐसा क्या हुआ कि पूरा घर हमेशा के लिए उजड़ गया।

By editor