छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना को लेकर सियासत गरमा गई है।
अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया को लेकर अब विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और प्रदेश के कई जिलों में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं।

दुर्ग सहित कई जिलों में Indian National Congress के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और इस प्रक्रिया को महिलाओं को परेशान करने की साजिश बताया।

कांग्रेस का आरोप है कि ई-केवाईसी के नाम पर सरकार बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं को योजना से बाहर करने की तैयारी कर रही है।
पार्टी नेताओं का दावा है कि करीब 5 लाख महिलाओं के नाम इस प्रक्रिया के जरिए काटे जा सकते हैं, जिससे हजारों परिवारों पर आर्थिक असर पड़ सकता है।

भिलाई में हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने जनसमस्याओं और महतारी वंदन योजना में केवाईसी प्रक्रिया की अव्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कई महिलाओं को तकनीकी दिक्कतों और जानकारी के अभाव के कारण ई-केवाईसी कराने में परेशानी हो रही है, जिससे वे लाभ से वंचित हो सकती हैं।

वहीं कांग्रेस के नेता सौरभ मिश्रा ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि हर महीने 606 करोड़ रुपये से अधिक की राशि योजना में खर्च होने के कारण राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव पड़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार इसी वजह से बहाने बनाकर योजना को बंद करने या लाभार्थियों की संख्या कम करने की कोशिश कर रही है।

हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है और आने वाले समय में इस पर और तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।

By editor