दुर्ग संभाग के सबसे बड़े और सबसे व्यस्त बस स्टैंड की ये तस्वीरें सिस्टम की लापरवाही की ऐसी कहानी बयां करती हैं, जो हर दिन हजारों यात्रियों को परेशान कर रही है।
जहाँ से रोजाना मुंबई, पुणे, हैदराबाद, इंदौर, राजस्थान, गोवा, पुरी, अकोला, दिल्ली, बिहार, गया और अयोध्या समेत छत्तीसगढ़ के हर जिले के लिए बसें रवाना होती हैं… वही बस स्टैंड आज बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है।

करीब 50 हजार यात्रियों की रोजाना आवाजाही वाले इस बस स्टैंड में हालात इतने बदतर हैं कि यहाँ पीने के लिए साफ पानी तक उपलब्ध नहीं है।
भीषण गर्मी के इस दौर में पूरे परिसर में केवल एक नल है… और उस नल से आने वाला पानी भी सीधे एक जर्जर और गंदगी से भरी टंकी से आता है।

सोचिए… जहाँ हजारों लोग रोज सफर करते हैं, वहाँ साफ पानी की व्यवस्था तक नहीं।
ठंडा पानी तो दूर, लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
हालात इतने गंभीर हैं कि स्थानीय दुकानदार खुद यात्रियों को उस नल का पानी पीने से मना करते हैं… और मानवीयता दिखाते हुए अपने स्तर पर मटकों में पानी रखकर लोगों की प्यास बुझाने की कोशिश कर रहे हैं।

लेकिन अनजान यात्री… खासकर ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोग… मजबूरी में वही गंदा पानी पी रहे हैं… जो कभी भी किसी बड़ी बीमारी को जन्म दे सकता है।

सिर्फ पानी ही नहीं… इस बस स्टैंड की स्वच्छता व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा चुकी है।
यहाँ मौजूद सुलभ शौचालय बदहाली की हद पार कर चुके हैं… गंदगी और दुर्गंध से भरे ये शौचालय यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं… खासकर महिलाओं के लिए हालात और भी ज्यादा मुश्किल हैं।

और अगर बात करें सुरक्षा की… तो तस्वीर और भी डराने वाली है।
पूरे बस स्टैंड परिसर में न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं… और न ही पुलिस की नियमित गश्त नजर आती है।

इस लापरवाही का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व यहाँ बेखौफ घूमते हैं… और आए दिन चोरी व झपटमारी की घटनाएं सामने आती हैं।
हाल ही में एक महिला यात्री के सोने-चांदी के जेवरात चोरी होने की घटना ने यात्रियों के मन में डर पैदा कर दिया है।

स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण और अंतरराज्यीय संपर्क वाले बस स्टैंड की ये हालत बेहद चिंताजनक है…
और अब सवाल ये उठता है कि आखिर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नजर इस बदहाली पर कब पड़ेगी?

यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस बस स्टैंड पर तत्काल साफ पेयजल, स्वच्छ शौचालय और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए…
ताकि हजारों यात्रियों को रोजाना इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

By editor