दुर्ग में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ के दुर्ग से आज एक बड़ी राजनीतिक तस्वीर सामने आई,
जहां प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर बोरे बासी दिवस मनाया।

दुर्ग स्थित राजीव भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा नजर आया।

इस मौके पर कांग्रेस को बड़ी मजबूती भी मिली,
जब 50 से अधिक लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी नए सदस्यों को कांग्रेस का गमछा ओढ़ाकर पार्टी में स्वागत किया।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि
बोरे बासी खाने से पहले भूपेश बघेल ने एक कविता भी पढ़ी,
जिसमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति, किसान और मजदूरों की मेहनत को खास तौर पर उकेरा गया।

इसके बाद उन्होंने साथी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर पारंपरिक भोजन बोरे बासी का आनंद लिया।
इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को बोरे बासी दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।

भूपेश बघेल ने कहा कि बोरे बासी छत्तीसगढ़ के किसान और मजदूर का प्रमुख भोजन है,
जो हर परिवार की परंपरा का हिस्सा है और स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभदायक है।

कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए
भूपेश बघेल ने प्रदेश सरकार पर भी जमकर निशाना साधा।

उन्होंने ‘सुशासन तिहार’ को लेकर सवाल उठाते हुए कहा—
कि आखिर इस तिहार में किया क्या जाता है?

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हरेली, तीजा, पोरा और दिवाली जैसे त्योहारों की अपनी परंपरा और महत्व है,
जहां दिवाली में दीप जलते हैं और होली में रंग खेला जाता है।
लेकिन ‘सुशासन तिहार’ में आखिर होता क्या है, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।

बघेल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में गैठानों में शराब भट्टियां खोली जा रही हैं,
बिजली बिल में बढ़ोतरी हो रही है,
मजदूरों को उचित मजदूरी नहीं मिल रही,
और नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर घटते जा रहे हैं, यहां तक कि मनरेगा जैसे काम भी प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाया—
क्या यही सुशासन है?

दुर्ग में आयोजित यह कार्यक्रम
जहां एक ओर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास था,
तो वहीं दूसरी ओर यह राजनीतिक संदेश देने का भी मंच बन गया।

By editor