भिलाई के सेक्टर-7 इलाके में पीलिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
इलाके में लगातार नए मरीज सामने आ रहे हैं और अब तक संक्रमितों का आंकड़ा 36 के पार पहुंच चुका है। ताजा जानकारी के अनुसार 5 नए मरीजों में पीलिया की पुष्टि हुई है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

सेक्टर-7 के प्रभावित वार्डों में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार सर्वे कर रही है। घर-घर जाकर लोगों की जांच की जा रही है और हर सदस्य की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने इलाके में विशेष कैंप भी लगाए हैं, जहां लोगों की जांच के साथ-साथ जरूरी दवाइयां भी दी जा रही हैं।

मौके पर प्रधानमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की वैन भी तैनात की गई है। इस वैन के जरिए डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी लगातार लोगों की जांच कर रहे हैं। जिन लोगों में पीलिया के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उन्हें तुरंत उपचार और सलाह दी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बीमारी की मुख्य वजह दूषित पानी हो सकती है। इसी को देखते हुए इलाके की पुरानी और खराब पाइप लाइन को बदलने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है।
नई पाइप लाइन बिछाई जा रही है ताकि लोगों तक साफ और सुरक्षित पानी पहुंच सके।

जब तक पाइप लाइन का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक लोगों को टैंकर के जरिए पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। नगर निगम की टीम लगातार टैंकर भेज रही है ताकि किसी भी परिवार को पानी की परेशानी का सामना न करना पड़े।

भिलाई स्टील प्लांट का स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम पूरे मामले पर पल-पल नजर बनाए हुए है। इलाके में साफ-सफाई, दवा का छिड़काव और पानी की गुणवत्ता की जांच लगातार की जा रही है।

दुर्ग जिला प्रशासन ने भी अपनी अलग टीम तैनात कर दी है। प्रशासन का कहना है कि हालात पर पूरी तरह नियंत्रण पाने तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
फिलहाल लोगों से अपील की गई है कि वे सिर्फ उबला हुआ या साफ पानी ही पिएं, बाहर का खाना खाने से बचें और किसी भी तरह की तबीयत खराब होने पर तुरंत जांच करवाएं।

By editor