भिलाई-3 स्थित डॉ. खूबचंद बघेल शासकीय महाविद्यालय में इन दिनों पढ़ाई से ज्यादा नशाखोरी की चर्चा हो रही है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि यह शैक्षणिक संस्थान अब नशेड़ियों का अड्डा बनता नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों और छात्रों के मुताबिक कॉलेज परिसर में आए दिन संदिग्ध युवकों का जमावड़ा देखा जा रहा है। कई बार कॉलेज के अंदर और आसपास नशा करते हुए लोगों को भी देखा गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आती।
कॉलेज के एंट्रेंस गेट पर न तो कोई गार्ड तैनात है और न ही आने-जाने वालों की कोई जांच-पड़ताल की जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब कॉलेज परिसर में कोई भी आसानी से प्रवेश कर सकता है, तो छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि अगर इसी तरह लापरवाही बरती जाती रही तो कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। अगर कल को कॉलेज परिसर में चाकूबाजी, मारपीट या कोई गंभीर वारदात होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
यह भी बड़ा सवाल है कि सरकारी संस्थानों में बैठे जिम्मेदार अधिकारी आखिर कब जागेंगे। क्या उनका काम सिर्फ कुर्सी पर बैठकर औपचारिकताएं निभाना रह गया है, या फिर वे शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी गंभीर होंगे?
अब जरूरत है कि प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करे, गार्ड की तैनाती सुनिश्चित करे और नशाखोरी पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि छात्रों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।

