दुर्ग से एक बड़ी राजनीतिक हलचल की खबर सामने आ रही है…
प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में रजिस्ट्री शुल्क में की गई भारी वृद्धि और विरोध प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर, भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव ने आज दुर्ग के गांधी चौक में एकदिवसीय उपवास कर विरोध जताया।
विधायक के इस शांतिपूर्ण सत्याग्रह में NSUI के सैकड़ों कार्यकर्ता, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ा हुआ रजिस्ट्री शुल्क न सिर्फ आम जनता के घर खरीदने और बनाने के सपनों पर सीधा प्रहार है, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर को भी गहरी चोट पहुँचा रहा है।
विधायक देवेंद्र यादव ने सरकार के इस कदम को “तुगलकी फरमान” बताते हुए कहा कि लगातार महंगाई से जूझ रही जनता पर यह फैसला एक और बोझ डालता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को समझना चाहिए कि रजिस्ट्री शुल्क में की गई यह अप्रत्याशित वृद्धि घर बनाने की सोच रखने वाले सामान्य परिवारों को आर्थिक संकट में धकेल देती है।
गौरतलब है कि पिछले 8 दिनों से आम नागरिक और रियल एस्टेट से जुड़े व्यवसायी इन दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
इन्हीं प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की घटना ने प्रदेश में राजनीतिक गर्माहट और बढ़ा दी है।
लाठीचार्ज को देवेंद्र यादव ने “दुर्भाग्यपूर्ण और अलोकतांत्रिक” बताया।
अपनी मांग पर अडिग रहते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि सरकार को जनता की आवाज सुनते हुए रजिस्ट्री शुल्क में की गई वृद्धि को तुरंत वापस लेना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन प्रदेश में और व्यापक रूप ले सकता है।
गांधी चौक का यह उपवास केवल एक विरोध नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को लेकर उठाई गई एक मजबूत आवाज के रूप में सामने आया है…
जिसे अब प्रदेश की राजनीति में एक नए दबाव के रूप में देखा जा रहा है।

