पंडित युवराज पांडेय की कथा को लेकर प्रशासन सख्त

भिलाई में आयोजित होने वाली
कथावाचक पंडित युवराज पांडेय की शिव महापुराण कथा को लेकर
प्रशासन इस बार काफी सख्त रुख अपनाए हुए नजर आ रहा है।

कथा आयोजन के लिए चुना गया स्थल
नेशनल हाइवे के किनारे होने के कारण
प्रशासन को भीड़ और यातायात व्यवस्था को लेकर
गंभीर आशंकाएं हैं।
इन्हीं संभावित समस्याओं को देखते हुए
फिलहाल प्रशासन इस स्थल पर आयोजन की अनुमति देने के मूड में नहीं है।

आज भिलाई एसडीएम हितेश पिस्दा ने
कैंप एक स्थित तीनदर्शन मंदिर के पास बनाए गए पंडाल का निरीक्षण किया
और आयोजकों से स्थल परिवर्तन करने तक के निर्देश दे दिए।

दरअसल 8 फरवरी से प्रस्तावित
इस शिव महापुराण कथा को लेकर
आयोजकों ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं
और पंडाल भी खड़ा कर दिया गया है।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम हितेश पिस्दा ने बताया कि
वर्तमान समय में पंडित युवराज पांडेय की कथा में
हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं,
जबकि यहां तैयार किया गया
करीब 30 हजार स्क्वेयर फीट का पंडाल
भीड़ के लिहाज से काफी छोटा साबित हो सकता है।

एसडीएम ने यह भी कहा कि
नेशनल हाइवे से सटे आयोजन स्थल पर
भीड़ को नियंत्रित करना और
यातायात व्यवस्था संभालना
प्रशासन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।

साथ ही पंडाल के दोनों ओर
सर्विस रोड होने के कारण
यहां ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने की भी
पूरी संभावना है।

वहीं आयोजक सौरभ जायसवाल और उनकी टीम ने
प्रशासन को बताया कि
पार्किंग के लिए
कैंप एक के पुराने बीएसपी ग्राउंड
और पंडाल के दूसरी ओर
बीएम शाह हॉस्पिटल के सामने के मैदान में
व्यवस्था की गई है।

हालांकि एसडीएम हितेश पिस्दा
इन व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर नहीं आए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि
इस पूरे मामले की रिपोर्ट
वे अपने उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे,
और वहीं से यह तय होगा कि
आयोजन की अनुमति दी जाएगी या नहीं।

फिलहाल आयोजन से ठीक
आठ दिन पहले तक अनुमति नहीं मिलने
के कारण आयोजक असमंजस और परेशानी में हैं।
उनका कहना है कि
तैयारियां पूरी होने के बाद
स्थल परिवर्तन करना
काफी मुश्किल भरा निर्णय होगा।

अब देखना यह होगा कि
प्रशासन उच्च स्तर पर क्या फैसला लेता है
और पंडित युवराज पांडेय की
प्रस्तावित शिव महापुराण कथा
निर्धारित स्थल पर हो पाएगी
या आयोजकों को नई जगह की तलाश करनी पड़ेगी।

By editor