भिलाई के कैलाश नगर क्षेत्र में प्रस्तावित बायोगैस प्लांट को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध अब खुलकर सामने आ गया है।
शुक्रवार को नालंदा स्कूल के सामने बड़ी संख्या में रहवासी एकत्र हुए और बायोगैस प्लांट की स्थापना के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्लांट को जनहित के विरुद्ध बताया और इसे तत्काल रद्द करने की मांग की।
इस दौरान आक्रोशित लोगों ने चक्का जाम का भी प्रयास किया, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस स्थान पर बायोगैस प्लांट प्रस्तावित है, वह घनी आबादी वाला क्षेत्र है और ठीक सामने एक शैक्षणिक संस्था स्थित है।
रहवासियों को आशंका है कि प्लांट से निकलने वाली दुर्गंध, गंदगी और अपशिष्ट का सीधा असर आसपास रहने वाले लोगों, विशेषकर स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि वे विकास के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इस तरह का प्लांट आबादी क्षेत्र से दूर स्थापित किया जाना चाहिए।
उनका आरोप है कि प्रशासन ने बिना स्थानीय लोगों से चर्चा किए ही इस स्थान का चयन कर लिया, जो पूरी तरह गलत है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि बायोगैस प्लांट को यहां से हटाने का निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे और बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।
वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया है कि बायोगैस प्लांट की स्थापना को लेकर सभी नियमों और मानकों के तहत जांच की जा रही है और स्थानीय लोगों की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है, लेकिन कैलाश नगर क्षेत्र में बायोगैस प्लांट को लेकर असंतोष का माहौल अब भी कायम है।

