छोटे बड़े पर्दे पर मां बहन की गालियां कब थमेंगी ?

जुलाई 2026 में जंतर मंतर में हुए छात्र आंदोलन के दौरान कम उम्र की लड़कियों द्वारा अश्लील गालियों से पूरा का पूरा देश हतप्रभ हुआ था लेकिन ये समझ नहीं आता कि आखिर क्यों हतप्रभ हुआ था ? इस घटना के नौ महीने पहले इसी चैनल पर एक विडिओ अपलोड हुआ था जिसका एक अंश मैं आपके सामने दोबारा पढ़ रहा हूँ।
 आज के समय में इस समाज के लिए सबसे घातक  वेब सीरीज़ हैं इनमे दृष्यों की अश्लीलता , कामुकता और नग्नता के साथ संवांदों में  अपशब्दों और माँ बहन की गन्दी गलियों के खुले प्रयोग से समाज विस्मित है अवाक् है हतप्रभ है किन्तु मौन है !वेब सीरीज़ के माध्यम से अपराधियों का महिमा मण्डन और समाज में कामुकता , हिंसा , संस्कारहीनता का रोपण , भारतीय संस्कृति को समूल नष्ट करने का एक प्रोजेक्ट है !

  सिनेमा के लिए तो सेंसर बोर्ड है अश्लील दृश्यों , संवादों और हिंसा दिखने वाली फिल्मों को A सर्टिफिकेट दे कर ऐसी फिल्मों को देखने के लिए अट्ठारह वर्ष से कम आयु के बच्चों का प्रवेश वर्जित कर दिया जाता है किन्तु OTT प्लेट फॉर्म पर यही फ़िल्में और अश्लील वेब सीरीज़ घर में रखे टी वी के माध्यम से चौबीसों घंटे अबोध बच्चों के सीधी पहुंच में हैं और बच्चे इन्हे माँ बाप की अनुपस्थिति में कभी भी देख सकते हैं और देख रहे हैं। वेब सीरीज़ में दिखाए जा रहे अश्लील , कामुक और हिंसक दृश्य , मां बहन के गलियां और अश्लील संवादों को  एक थंब रूल की तरह नई पीढ़ी के मस्तिष्क में रोपने का प्रयास किया जा रहा है जिससे छोटे छोटे अबोध बच्चों के कोमल मस्तिष्क में घातक विकृति का अंकुरण हो रहा है इनके कोमल मनोमस्तिष्क पर पड़ने वाला असर इस देश की तरुणाई को जिस गर्त की और ले जा रहा है क्या इसका भान हमारे समाज के ठेकेदारों को जरा भी नहीं है ?     और यदि हम आज नहीं संभले तो भविष्य में हमारे घरों में मुंशी प्रेम चंद , दिनकर , पंत ,प्रसाद ,निराला , वीर सावरकर और अब्दुल हामिद नहीं बल्कि मुन्ना त्रिपाठी और गुड्डू पंडित ही पैदा होंगे फिर कर लेना पाकिस्तान और बांग्ला देश से जंग।  

 कैसी विचित्र विडंबना है किसी एक फिल्म में किसी जाति विशेष पर एक टिपण्णी के विरोध में उस जाति के लोग आंदोलित हो उठते हैं थियेटर से लेकर सड़क तक प्रदर्शन तोड़ फोड़ हिंसा आगजनी सबकुछ कर डालते हैं और जब पिछले कुछ सालों से लगभग सभी फिल्मों और खासकर वेब सीरीज़ में मर्यादाओं के सारे बांध टूट चुके हैं दृश्यों और संवादों में असभ्यता और अश्लीलता अपने चरम पर है सम्प्रेषण के सबसे सशक्त माध्यम जो समाज को सबसे तीव्रता से प्रभावित करता है वो पूर्णतः निरंकुश होकर हमारी संस्कृति को भेद रहा है छेद रहा है तार तार कर रहा है और हम सब तमाशबीन बनकर खड़े हैं।  

  और सबसे ज्यादा विस्मय इस बात का है कि इस कुव्यवस्था को नियंत्रित करने के सारे अधिकार केंद्र सरकार के पास हैं वर्तमान सरकार  इस देश में धर्म और संस्कृति की सबसे बड़ी रक्षक कहलाती है पिछले आठ दस सालों से केंद्र की सरकार इस अश्लीलता की मूक दर्शक बनी बैठी है और फिर केंद्र की सरकार को भारतीय संस्कृति से विमुख न होने देने के लिए समय समय पर गाइड लाइन जारी करने वाला मातृ संगठन भी इस गंभीर समस्या से बेपरवाह है !
 आज से कुछ साल पहले  भारत सरकार ने गूगल दिखने वाले पोर्न साइट्स पर पाबंदी  लगा दी  जब एक अंरराष्ट्रीय साईट को आप नियंत्रित कर सकते हैं तो भारत में बनने वाले वेब सीरीज़ आपके नियंत्रण से बहार कैसे हैं ? लेकिन ये प्रश्न कोई भी नहीं कर रहा है।

बच्चियों द्वारा प्रधानमंत्री को दी गई गलियों से देश की जनता ,  पूरा शासन और शासक दल आहत है बेशक इसमे देश के सूचना प्रसारण मंत्री भी होंगे जब समाज के इन ठेकेदारों को जंतर मंतर से एक बार दी गई गली सुनाई दी और उनसे ये बुरी तरह सेआहत भी हो गए लेकि सिनेमा और वेब सीरीज़ में पिछले दस सालों से दनादन सुनाई जा रही माँ बहन की गालियां इनको अभी तक सुनाई नहीं दे रही है । सरकार एक तरफ तो सिनेमा और वेब सीरीज़ के माध्यम से बच्चों को गालियां सिखाए और फिर ये उम्मीद करे की उन गालियों का प्रयोग उनके विरोधियों के लिए हो तो ये संभव ही नहीं है जो भस्मासुर पैदा करेगा वो खुद उसका शिकार होगा

1 सत्ता की हर छोटी से छोटी चूक पर मुखर होकर बोलने वाला मीडिया कहाँ है ?
2 सत्ता की हर छोटी से छोटी चूक पर संसद से लेकर सड़क तक हंगामा करने वाला विपक्ष कहाँ है ?
3 बलात्कार पर पूरे देश में कैंडल मार्च निकलने वाली समाज सेवी संस्थाएं कहाँ हैं ?
4 समाज के हर कुव्यवस्था पर स्याही खर्चने वाला लेखक , कवी , साहित्यकार कहाँ है ?
5 धार्मिक साम्प्रदायिक राजनैतिक विषयों पर तत्काल संज्ञान लेने वाली न्याय पालिका कहाँ है ?
6 धर्म जागरण केलिए सदैव तत्पर धर्म संस्कृति के रक्षक सारे कथावाचक धर्मगुरु कहाँ हैं ?
7 शिक्षक चिकित्सक वकील कहाँ है ?
8 सेंसर बोर्ड कहाँ है ?
9 मैं कहाँ हूँ आप कहाँ हैं ?
बस हर चूहे का प्रश्न है कि बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे ?

By editor