दुर्ग जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
एक सरकारी राशन दुकान में गरीबों के हक के राशन में लाखों रुपये की हेराफेरी का खुलासा हुआ है।
खाद्य विभाग की जांच में रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद स्टॉक का मिलान किया गया, जिसमें 863 क्विंटल चावल और शक्कर गायब मिले।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने राशन दुकान का संचालन कर रही महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
प्रारंभिक जांच में आशंका है कि सरकारी राशन को खुले बाजार में बेचकर कालाबाजारी की गई। फिलहाल पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है।

