हेमचंद यादव विश्वविद्यालय यानी दुर्ग यूनिवर्सिटी में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के English Legal Language विषय के रिजल्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रिजल्ट जारी होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
छत्तीसगढ़ बजरंग दल के नेतृत्व में छात्रों और कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि आक्रोशित छात्रों ने यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर ताला तक जड़ दिया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
छात्रों का आरोप है कि पहले उन्हें आश्वासन दिया गया था कि English Legal Language के पेपर में हिंदी माध्यम में लिखे गए उत्तरों को स्वीकार किया जाएगा और छात्रों को उचित अंक दिए जाएंगे। लेकिन रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों को फेल कर दिया गया।
इतना ही नहीं, एक छात्र ने आरोप लगाया कि उसने परीक्षा में उपस्थित होकर पेपर दिया था, लेकिन मार्कशीट में उसे अनुपस्थित दिखा दिया गया, जिससे वह मानसिक सदमे में है।
वहीं बजरंग दल के विभाग संयोजक कुशल तिवारी ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिना समस्या का समाधान किए यूनिवर्सिटी ने दोबारा एग्जाम फॉर्म पोर्टल खोल दिया और छात्रों पर त्रुटिपूर्ण मार्कशीट अपलोड करने का दबाव बनाया जा रहा है।
इधर कुलपति के निज सचिव ने साफ कहा है कि नियम के अनुसार अंग्रेजी विषय का पेपर अंग्रेजी में लिखना अनिवार्य है। यदि किसी कॉलेज ने छात्रों को हिंदी में उत्तर लिखने की गलत जानकारी दी है तो संबंधित कॉलेजों को नोटिस जारी किया जाएगा।
अब सवाल यही है कि आखिर छात्रों की गलती क्या है… और इस पूरे विवाद में जिम्मेदार कौन है?

