किसानों का 40 साल का इंतज़ार… अब गुस्से में बदलता नजर आ रहा है…
दुर्ग जिले के खैरझिटी और परसकोल गांव के किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है…
मामला उन जमीनों का है… जिन्हें करीब 40 साल पहले अधिग्रहित किया गया था…
लेकिन हैरानी की बात ये है कि इतने लंबे समय के बाद भी किसानों को उनका मुआवजा नहीं मिल पाया है…
किसानों का आरोप है कि उन्होंने कई बार आवेदन दिए…
अधिकारियों से लगातार संपर्क किया…
लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला…
जमीन चली गई… लेकिन उसका हक आज तक नहीं मिला…
ग्रामीणों के मुताबिक, प्रशासन ने मार्च 2026 तक मुआवजा देने का वादा किया था…
लेकिन समय सीमा बीत जाने के बावजूद अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया…
जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है…
एक तरफ मुआवजे का इंतजार…
तो दूसरी तरफ गांव की बुनियादी सुविधाएं भी बदहाल हैं…
खैरझिटी के प्राथमिक स्कूल की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है…
कि बच्चों की पढ़ाई अब पंचायत भवन में करवाई जा रही है…
ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है…
इस मुद्दे को लेकर किसान बंधु संगठन और ग्रामीण एकजुट हो गए हैं…
और उन्होंने तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता को ज्ञापन सौंपा है…
ज्ञापन में जल्द से जल्द मुआवजा भुगतान…
और नए स्कूल भवन के निर्माण की मांग की गई है…
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई…
तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे…
अब देखना होगा कि प्रशासन इस लंबे समय से लंबित मामले पर कब तक ठोस कदम उठाता है…
या फिर किसानों का यह आक्रोश और भी बड़ा रूप लेता है…

