2 अप्रैल रामदूत हनुमान लला का जन्मोत्सव भारत सहित पूरे विश्व में विभिन्न आयोजनों के साथ संपन्न हुआ इसी कड़ी में भिलाई के कैलाश नगर में हर छोटे बड़े हनुमान मंदिर में पूरे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई और श्री रामदूत हनुमान के भक्तों ने अपने भक्ति भाव को अपने-अपने अंदाज में भगवान हनुमान जी को अर्पित किया इस अवसर पर हर उम्र के लोगों ने मंदिर पहुंचकर हनुमान लाला की आरती उतारी और उन्हें श्रद्धा अनुरूप फल फूल हल्दी कुमकुम के साथ पुष्प अर्पित किए धूप दीप जलाकर अपनी आस्था का परिचय भी दिया तत्पश्चात मंदिर प्रांगण में ही श्रद्धालुओं के लिए भोग भंडारे का निर्माण कार्य भी पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ जारी रहा भोग भंडारे में उपस्थित श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद भी ग्रहण किया वहीं दूसरी तरफ बिना मंदिर के भी भगवान हनुमान की तैल चित्र लगाकर भी उनकी पूजा अर्चना की गई और आरती उतारकर सभी ने हनुमान जी के साथ-साथ उनके प्रभु श्री राम जी का नारा भी बुलंद किया और पूरा भिलाई शहर जय श्री राम जय हनुमान के नारों से गुंजायमान हो उठा भक्तों ने यहां भी अपने श्रद्धा अनुरूप श्री हनुमान जन्मोत्सव का आयोजन करते हुए भोग भंडारे का आयोजन किया इस आयोजन में ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए शीतल पेय शरबत का वितरण किया साथ ही क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए महा भंडारे का आयोजन भी किया इस मौके पर हनुमान जी के भजनों की कर्णप्रिय और सुमधुर प्रस्तुतियां भी सुनने को मिली इन प्रस्तुतियों में प्रभु श्री राम के दूत हनुमान जी के चरित्र का वर्णन किया गया था जिसे सुनकर उपस्थित भक्तजन और श्रद्धालु झूम उठे हनुमान जी बल बुद्धि और विद्या के देव माने जाते हैं और आज जब सनातन धर्म खतरे में दिखाई दे रहा है तो पूरे विश्व के सनातनी एकजुट होकर अपने सभी आराधों की आराधना पूरे विधि विधान और धूमधाम से करते नजर आ रहे हैं या एक संकेत है की सनातन धर्म को अनदेखा नहीं किया जा सकता और सनातन धर्म को मानने वाले सनातनी पूर्ण रूप से एकजुट है।

