महर्षि दयानंद सरस्वती शिशु मंदिर में हुआ विद्यारंभ संस्कार

विद्या की देवी मां सरस्वती का वास विशेष तौर पर विद्या के मंदिरों अर्थात स्कूलों में होता है और स्कूलों के प्रांगण में विद्या की देवी मां सरस्वती के सानिध्य नन्हे बच्चों सहित सभी विद्यार्थी विद्या ग्रहण करते हैं और वर्ष में एक दिन बसंत पंचमी पर पूरे विधि-विधान के साथ और श्रद्धा पूर्वक विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा अर्चना और आराधना करते हैं इसी कड़ी में महर्षि दयानंद सरस्वती शिशु मंदिर हाउसिंग बोर्ड भिलाई के पवित्र प्रांगण में बसंत पंचमी के अवसर पर विशेष है कार्यक्रम आयोजित किया गया इस कार्यक्रम में एक मनुष्य के जीवन में होने वाले 16 संस्कारों में से एक विद्यारंभ संस्कार विशेष तौर पर किया गया जिसके तहत वह नोनीहाल जिन्होंने प्रथम बार विद्या मंदिर के प्रांगण में प्रवेश किया था उनके शुभ हाथों मैं पेंसिल पकड़ाकर और ओम लिखवा कर उनकी शिक्षा दीक्षा को प्रारंभ कराया गया इस अवसर पर विद्यार्थियों के पालकों सहित विद्या मंदिर के सेवक कहे जाने वाले गुरुजन भी उपस्थित रहे शिक्षको ने नोनिहालों को परंपरा अनुसार अपनी गोद में बैठकर इस संस्कार को संपन्न किया इस अवसर पर स्कूल प्रांगण में विद्यार्थियों के सफल जीवन निर्माण हेतु 12 आयाम की प्रदर्शनी लगाई गई थी जिसमें विद्यार्थियों ने सफल जीवन जीने के लिए सर्वाधिक आवश्यकता होती है उन आवश्यकताओं की पूर्ति किस तरह से की जाए यह भी सीखा 12 आयाम की प्रदर्शनी को आयोजन की मुख्य अतिथि सहित अन्य पलकों ने भी देखा और खूब सराहना की वही शाला प्रबंधन समिति एवं प्रधानाचार्य नेवी आयोजन की विस्तृत जानकारी दी तत्पश्चात कार्यक्रम की अगली घड़ी में मचिया कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का तिलक वंदन कर अभिनंदन किया गया एवं अतिथियों ने मचिया कार्यक्रम की शुरुआत विद्या की देवी मां सरस्वती के पहले चित्र के समक्ष धूप दीप प्रज्वलित कर किया अतिथियों के स्वागत वंदन के पश्चात नन्हे विद्यार्थियों ने मंचीय कार्यक्रम में अति मनमोहक प्रस्तुतियों की झड़ी लगा दी जिसे देख शाला के विद्यार्थी एवं कार्यक्रम देखने आए पालकों ने अपने दांतों तले उंगलियां दबा ली महर्षि दयानंद सरस्वती शिशु मंदिर हाउसिंग बोर्ड भिलाई के प्रांगण में पूरे हर्षोल्लास के साथ बसंत पंचमी का कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसकी चर्चा चारों दिशाओं में की जा रही है।।

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