भिलाई नगर निगम द्वारा अपने कोष में राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से रिक्त भूमि की नीलामी का जो निर्णय लिया गया था, उस पर अब आंशिक विराम लग गया है। खासतौर पर संजय नगर तालाब के पास स्थित भूमि को लेकर निगम ने अपना फैसला वापस ले लिया है।
गौरतलब है कि नगर पालिका निगम भिलाई ने हाल ही में अपने स्वामित्व वाली खाली जमीनों को किराए अथवा लीज पर देने का प्रस्ताव पारित किया था। निगम प्रशासन का तर्क था कि इससे निगम के कोष में अतिरिक्त राजस्व आएगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
इसी कड़ी में संजय नगर तालाब के समीप स्थित जमीन को भी नीलामी सूची में शामिल किया गया था। लेकिन जैसे ही यह मामला सार्वजनिक हुआ, विपक्षी पार्षदों ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि तालाब के आसपास की भूमि सार्वजनिक उपयोग और पर्यावरणीय संतुलन के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, ऐसे में इसे व्यावसायिक उपयोग के लिए देना उचित नहीं होगा।
लगातार विरोध और जनभावनाओं को देखते हुए निगम प्रशासन ने संजय नगर तालाब के पास की भूमि को नीलामी प्रक्रिया से बाहर करने का निर्णय लिया है। हालांकि अन्य रिक्त भूमि की नीलामी की प्रक्रिया यथावत जारी रहेगी।
इस पूरे मामले में क्षेत्रीय विधायक ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस भूमि का उपयोग जनहित में किया जाना चाहिए और वे अपनी विधायक निधि से यहां एक आधुनिक खेल परिसर विकसित करने का प्रयास करेंगे, जिससे युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिल सकें।
अब देखने वाली बात होगी कि निगम और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय बनाकर इस भूमि का किस प्रकार उपयोग किया जाता है। फिलहाल इतना तय है कि संजय नगर तालाब के पास की जमीन अब किराए या नीलामी के लिए उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।

