लेबर कोड के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल… भिलाई में भी दिखा असर

केंद्र सरकार द्वारा 29 पारंपरिक श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए लेबर कोड लागू करने के निर्णय के विरोध में गुरुवार को देशभर में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया। इस हड़ताल को 10 बड़े राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों का समर्थन प्राप्त हुआ।

भिलाई में भी संयुक्त ट्रेड यूनियन के बैनर तले श्रमिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। आंदोलन में इंटक, एटक, सीटू, एचएमएस, लोईमू, एक्टु और स्टील वर्कर यूनियन सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

संयुक्त ट्रेड यूनियन के पदाधिकारियों ने हड़ताल से पहले व्यापक प्रचार-प्रसार किया और कर्मियों से भागीदारी की अपील की। हालांकि, प्रत्यक्ष रूप से हड़ताल में मुख्य रूप से यूनियन के सक्रिय कार्यकर्ता और समर्थक ही शामिल नजर आए। यूनियन नेताओं का कहना है कि भले ही सभी कर्मचारी मैदान में नहीं उतरे, लेकिन वे श्रम कोड के मुद्दों को श्रमिकों तक पहुंचाने में सफल रहे हैं और उन्हें नैतिक समर्थन मिल रहा है।

यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक अप्रैल से नए लेबर कोड लागू किए जाते हैं, तो श्रमिकों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक संघर्ष करना पड़ेगा। उन्होंने साफ कहा कि जब तक श्रम कोड वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

इस बीच संयुक्त ट्रेड यूनियन ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यूनियन के अनुसार विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक और प्रभारी अधिकारियों द्वारा कर्मियों पर हड़ताल में शामिल न होने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि कर्मचारियों को चेतावनी दी गई कि यदि वे हड़ताल में शामिल हुए तो उनका वेतन काटा जाएगा, वार्षिक बोनस प्रभावित होगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

एक कर्मी ने दावा किया कि महाप्रबंधक ने अनुपस्थित रहने पर तीन दिन का वेतन काटने की बात कही। इस पर कर्मी ने सवाल उठाया कि यदि कोई कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित रहता है, तो क्या उसे तीन दिन का अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा? इस प्रश्न का स्पष्ट उत्तर अधिकारियों द्वारा नहीं दिया गया।

हड़ताल स्थल पर भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव भी पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ट्रेड यूनियनों से समुचित चर्चा किए बिना एकतरफा तरीके से श्रम कानूनों में बदलाव किया है, जो श्रमिक हितों के खिलाफ है। उन्होंने आश्वस्त किया कि श्रमिकों के हर संघर्ष में वे उनके साथ खड़े रहेंगे।

वहीं दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने भी संयुक्त ट्रेड यूनियन के आंदोलन को समर्थन दिया।

भिलाई में हुई यह हड़ताल भले ही आंशिक रूप से प्रभावी रही हो, लेकिन श्रमिक संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि लेबर कोड के मुद्दे पर उनका संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज हो सकता है।

By editor