ब्रेकिंग
20 Feb 2026, Fri

युजीसी बिल 2026 पर बवाल — सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद बढ़ी सियासत

13 जनवरी 2026 को अधिसूचित किये गए युजीसी बिल को अभी तक लागू नहीं किया गया है क्योंकि उच्च वर्ग का ऐसा मानना है कि यह बिल लागू हो जाने से काफी दिक्कतें हो सकती है। दूसरी तरफ एसटी एससी और ओबीसी समुदाय का मानना है कि इस बिल को जल्द से जल्द पास करना चाहिए जिससे शैक्षणिक परिसरों में जाति, धर्म, लिंग या विकलांगता के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोका जा सकेगा। हर संस्थान में समान अवसर केंद्र (EOC) और ‘इक्विटी कमेटी’ बनाना अनिवार्य है। पहली बार OBC छात्रों को भी स्पष्ट रूप से सुरक्षा के दायरे में शामिल किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर संस्थान की फंडिंग रुक सकती है या मान्यता रद्द हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को इन नियमों पर अस्थायी रोक (Stay) लगा दी है। कोर्ट ने इसकी परिभाषाओं को ‘अस्पष्ट’ माना और कहा कि इससे समाज में विभाजन हो सकता है। फिलहाल 2012 के पुराने नियम ही लागू रहेंगे। इन सभी मामलों को लेकर एसटी एससी और ओबीसी समुदायों ने मिलकर संयुक्त रूप से दुर्ग में एक सभा का आयोजन किया और उसे सभा के माध्यम से आम जनमानस को इस बात की जानकारी दी गई तत्पश्चात सभा स्थल से कलेक्ट्रेट की तरफ रैली के माध्यम से यह सभी निकले और राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन भी सौपा इसे लेकर समाज के प्रमुखों ने न्यूज़ टीम को जानकारी दी है को जानकारी दी है इस बिल में बदलाव की संभावना है और शैक्षणिक संस्थाएं इसमें बदलाव चाहती है बदलाव के बाद अब संस्थानों को फंड (ग्रांट) सीधे शिक्षा मंत्रालय या एक विशेष निकाय द्वारा दिया जाएगा, न कि यूजीसी द्वारा। इसमें चार मुख्य स्तंभ होंगे: विनियमन, प्रत्यायन शैक्षणिक मानक और फंडिंग। इस बिल को लेकर आलोचकों का तर्क है कि इससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता कम होगी और केंद्र सरकार का दखल बढ़ेगा। VBSA बिल दिसंबर 2025 में लोकसभा में पेश किया गया था और फिलहाल इसे समीक्षा के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा गया है

By editor