भिलाई में मियावाकी पद्धति से उगेंगे घने जंगल

आज भिलाई शहर ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में अंधाधुंध वृक्षों और जंगलों की कटाई से पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता जा रहा है और वातावरण भी दूषित होता जा रहा है इसे देखते हुए अब भिलाई नगर निगम ने जापान के प्रसिद्ध वनस्पति शास्त्री अकीरा मियावाकी के द्वारा 1970 के दशक में बनाई गई मियावाकी पद्धति से बहुत कम जगह में घने, देशी और तेजी से बढ़ने वाले जंगल उगाने की तैयारी कर रहा है यह जंगल बहुत कम समय में 30 गुना अधिक घने हो जाते हैं फिलहाल भिलाई के एक स्थान पर इस पद्धति को अपनाया जा रहा है उसके बाद अन्य कई छोटे-छोटे जगह को छोटे-छोटे वनों में तब्दील कर दिया जाएगा खुद निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडे ने चिन्हित किए हुए पहले स्थान का निरीक्षण किया और वहां उपस्थित निगम के अधिकारी कर्मचारी को इस पद्धति की जानकारी देते हुए इसके महत्व को भी बताया जहां एक और बड़े-बड़े जंगल काट दिए जा रहे हैं वहीं अब यह छोटे-छोटे जंगल पर्यावरण संतुलन को बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे साथ ही वातावरण में भी शुद्धी आएगी मियावाकी पद्धति से लगाए जाने वाले यह छोटा बनो की योजना अगर सफल हो जाती है तो यकीनन इस वातावरण में सांस लेने वाले जनमानस की आयु एक बार पुनः लंबी हो सकती है।

By editor