फर्जी खातों से 50 करोड़ का खेल

दुर्ग पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है…
फर्जी बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है…

पुलिस ने इस मामले में तीन और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है…
इसके साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या अब बढ़कर 19 हो चुकी है…

दरअसल, यह पूरा मामला तब सामने आया जब प्रार्थी अविनाश दुबे ने पद्मनाभपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई…
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवा रहे हैं…
और फिर एटीएम, सिम कार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने कब्जे में लेकर इन खातों का इस्तेमाल अवैध ऑनलाइन बेटिंग एप में किया जा रहा है…

शिकायत के साथ प्रार्थी ने पुलिस को ठोस साक्ष्य भी सौंपे…
जिसके बाद दुर्ग पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की…

जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी… परत दर परत चौंकाने वाले खुलासे होते गए…
पुलिस को पता चला कि यह गिरोह सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं… बल्कि उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में भी सक्रिय था…

गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था…
आरोपी लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम पर “म्यूल अकाउंट” खुलवाते थे…
और इन खातों से जुड़ी पूरी किट — एटीएम, सिम और चेकबुक — सीधे मुंबई भेज दी जाती थी…
जहां से करोड़ों रुपये की सट्टेबाजी का पैसा घुमाया जाता था…

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से
22 एटीएम कार्ड…
10 चेकबुक…
8 पासबुक…
4 सिम कार्ड…
5 मोबाइल फोन…
और एक नकली पिस्तौल भी बरामद की है…

अब तक की जांच में करीब 50 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन का खुलासा हो चुका है…
वहीं 147 एटीएम कार्ड और 200 से ज्यादा बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए जा चुके हैं…

फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क के पीछे मौजूद मुंबई के बड़े सिंडिकेट की तलाश में जुटी हुई है…
और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं…

By editor