महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित एंडूरियस स्केटिंग नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ के नन्हें खिलाड़ियों ने अपने हुनर का ऐसा जलवा बिखेरा कि पूरा प्रदेश गर्व से झूम उठा।
पुणे में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के कुल 22 बच्चों ने भाग लिया और शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे नेशनल गेम्स में राज्य को तीसरा स्थान दिलाया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि में भिलाई के बच्चों का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। छोटी-सी उम्र में बड़े हौसले और कड़ी मेहनत के दम पर इन खिलाड़ियों ने कई मेडल अपने नाम किए और यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभा अब राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से अपनी पहचान बना रही है।
अंडर-6 वर्ग में सिया ने 1 कांस्य पदक जीतकर शानदार शुरुआत की, वहीं अबीर माखीजा ने 2 स्वर्ण पदक जीतकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।
अंडर-9 वर्ग में अगस्त्य कुटेल ने 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीतकर बेहतरीन प्रदर्शन किया।
अंडर-14 वर्ग में भी खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। आकाश ने 2 कांस्य और 1 स्वर्ण पदक हासिल किया। देवांश विश्वकर्मा ने 2 कांस्य और 1 रजत पदक जीता। खुशी चानपुरियी ने 1 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य पदक अपने नाम किए। वहीं वाहिनीत कोर ने 2 कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया।
इन बच्चों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है, जो जून माह में मालदीव्स में आयोजित की जाएगी।
यह उपलब्धि न केवल खिलाड़ियों के परिवारों और कोच के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इन नन्हें स्केटर्स ने साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता कदम चूमती है।
हम इन सभी खिलाड़ियों को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।

