पाटन में मजदूरों का जंगी प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ के पाटन से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है…
जहां जनपद पंचायत के सामने मजदूरों का गुस्सा खुलकर सामने आया है… और सैकड़ों की संख्या में मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया है।

जानकारी के मुताबिक, मजदूरों का आरोप है कि सरकार की हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ उन्हें समय पर नहीं मिल रहा है। पेंशन हितग्राहियों को महीनों से पेंशन का इंतजार करना पड़ रहा है… वहीं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत भी मजदूरों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल पा रहा है।

इन्हीं समस्याओं को लेकर आज बड़ी संख्या में मजदूर एकजुट होकर जनपद पंचायत पहुंचे… और प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की खास बात यह रही कि मजदूर अपने साथ फावड़ा और गैती लेकर पहुंचे… जो उनके रोजगार की मांग का प्रतीक था।

वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही पलंग और बिस्तर लेकर धरना स्थल पर पहुंचे… जिससे उनकी नाराजगी और पीड़ा साफ तौर पर झलकती नजर आई। यह प्रदर्शन न सिर्फ विरोध था… बल्कि एक प्रतीकात्मक संदेश भी था कि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच रहा।

प्रदर्शन के दौरान मजदूरों को जनपद पंचायत के मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया… और केवल एक प्रतिनिधिमंडल को अंदर जाने की अनुमति दी गई। इस दौरान तहसीलदार और जनपद पंचायत के सीईओ को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

मजदूरों ने प्रशासन को साफ तौर पर 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है… उनका कहना है कि अगर तय समय के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ… तो वे बोरिया-बिस्तर के साथ जनपद पंचायत के सामने अनिश्चितकालीन धरना देने को मजबूर होंगे।

प्रदर्शन के दौरान मजदूरों और जनप्रतिनिधियों ने जिला पंचायत दुर्ग के सीईओ के खिलाफ भी जमकर नाराजगी जाहिर की… और व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।

इस प्रदर्शन में युगल आडील, राकेश आडील, द्रोपदी साहू सहित बड़ी संख्या में सरपंच, पंच और ग्रामीण मजदूर गांव-गांव से पहुंचे… जिससे यह साफ है कि समस्या व्यापक है और लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है… और मजदूरों की समस्याओं का समाधान कब तक हो पाता है।

By editor