दुर्ग जिले के देवबलौदा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के सामने आयोजित पांच दिवसीय शिवरात्रि मेले में एक बार फिर धार्मिक विवाद गहरा गया है। महाशिवरात्रि के अवसर पर हर वर्ष लगने वाले इस पारंपरिक मेले में इस बार हिंदू संगठनों ने कुछ दुकानदारों के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई है।

जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मेले में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग हिंदू नामों का इस्तेमाल कर व्यवसाय कर रहे थे। संगठनों का कहना है कि नागपुर से आए कुछ व्यापारी “अजीत चाट सेंटर” के नाम से चाउमीन और मंचूरियन का ठेला लगा रहे थे, जबकि वे मुस्लिम समुदाय से हैं। इसे लेकर हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई।

इतना ही नहीं, मेले में देवी-देवताओं की तस्वीरें और धार्मिक वस्त्र बेच रही एक महिला द्वारा “जय श्री राम” के नारे पर आपत्ति जताने का भी आरोप लगाया गया। इस घटना के बाद माहौल गर्म हो गया और मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

इस दौरान बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच की महिला संयोजिका ज्योति शर्मा भी मौजूद रहीं, जिन्होंने कथित रूप से दुकानदारों को दुकान बंद कर मेले से हटने की चेतावनी दी। कुछ देर तक मेले में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुरानी भिलाई थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस द्वारा मामले की जानकारी लेकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहा है।

हर साल आस्था और श्रद्धा का केंद्र बनने वाला देवबलौदा शिव मंदिर का यह मेला इस बार विवादों के कारण सुर्खियों में है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और आगे ऐसी स्थिति दोबारा न बने इसके लिए क्या व्यवस्था की जाती है।

By editor