कलेक्टर दुर्ग द्वारा एनटीपीसी-सेल पावर कंपनी लिमिटेड के नियमित सामाजिक दायित्व (सी.एस.आर) योजनांतर्गत भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम जबलपुर द्वारा दुर्ग जिले के दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण हेतु मूल्यांकन एवं परीक्षण शिविर आयोजन करने शिविर का आयोजन नगर पालिका निगम भिलाई के प्रांगण में किया गया शिविर में नगर निगम भिलाई, नगर निगम रिसाली, नगर पंचायत उतई, नगर पंचायत पाटन, जनपद पंचायत पाटन एवं आस-पास के क्षेत्र के लोग शामिल हुए। परीक्षण शिविर में नोडल/सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए थे, जिनके अधिनस्थ कर्मचारीयो ने शिविर का सफल संचालन किया । इस योजना के पात्र हितग्राहियों के लिए आवश्यक दस्तावेज जो अनिवार्य थे। (अ) जीवित दिव्यांग प्रमाण पत्र/यू.डी.आई.डी. कार्ड की छायाप्रति, (ब) आधार कार्ड की छायाप्रति, (स) दो रंगीन पासपोर्ट साईज फोटो (दिव्यांग दिखता हुआ), (द) आय प्रमाण पत्र (पार्षद/सरपंच द्वारा जारी) आदि के साथ उपस्थित हुए थे। शिविर में सभी दिव्यांग जनों का पंजीयन किया गया और उसके बाद योग्यता अनुसार जिन उपकरणों की जरूरत है उन उपकरणों के लिए प्रपत्र तैयार किया गया इस शिविर में दृष्टिबाधित श्रवण बाधित पैरों और हाथों से दिव्यांग जैसे लोगों ने उपस्थित होकर अपनी आवश्यकता बताई शिविर का अवलोकन करने दुर्ग जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह भी उपस्थित हुए जहां उन्होंने शिविर में अपनी सेवाएं दे रहे विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ उपस्थित जन समुदाय से भी बातचीत की जहां शिविर में उपस्थित दिव्यांगों ने अपनी समस्याओं से जिला कलेक्टर को अवगत कराया मौके पर कलेक्टर अभिजीत सिंह ने श्रवण बाधित दिव्यांग को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाकर उनका प्रमाण पत्र बनाने के आदेश दिए साथ ही वे दिव्यांग जिनका प्रमाण पत्र अब तक नहीं बन पाया है उसके लिए संबंधित अधिकारियों सहित निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडे को भी आदेशित किया है समाज कल्याण विभाग द्वारा लगाए गए इस दिव्यांग प्रशिक्षण शिविर के बारे में पूर्ण जानकारी जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह ने मीडिया को उपलब्ध कराई है जामुल के दिव्या दृष्टि निशुल्क नेत्र बाधित स्कूल के छात्र-छात्र भी अपनी संचालिका के साथ शामिल हुए जहां संचालिका ने इस शिविर से मिलने वाले लाभ को लेकर अपनी सहमति व्यक्त की और शिविर को बेहतर बताया शिविर में उपस्थित पैरों से दिव्यांग लोगों के नाप लिए गए जिससे कृत्रिम पैर बनाए जा सके साथ ही जिन दिव्यांगों को जी उपकरण की आवश्यकता है उन सभी उपकरणों की सूची तैयार की गई है जिसे बहुत जल्द संबंधित हितग्राहियों तक पहुंचा दी जाएगी।

