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21 Feb 2026, Sat

दुर्ग पुलिस की नई पहल – महिला कमांडो के साथ नशे के खिलाफ जंग

दुर्ग जिले में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने वाली एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हो चुकी है। देश के प्रथम ‘साथी बाज़ार’ अधोसंरचना निर्माण कार्य का भूमिपूजन समारोह उत्साह और उम्मीदों के बीच संपन्न हुआ। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का संचालन दुर्गश्री किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जाएगा, जो किसानों को संगठित कर उन्हें मजबूत बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री राम विचार नेताम शामिल हुए। उनके साथ शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर तथा राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर भी मौजूद रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान, स्व-सहायता समूह की महिलाएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

साथी बाज़ार परियोजना के तहत लगभग 170 आधुनिक दुकानों का निर्माण किया जाएगा। यहां वेंडर जोन, गेम जोन और अन्य सर्वसुविधायुक्त व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी, जिससे यह केवल एक बाजार नहीं बल्कि एक समग्र कृषि व व्यापारिक परिसर के रूप में विकसित होगा।

परियोजना की उपाध्यक्ष निधि चंद्राकर ने जानकारी दी कि लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह बाजार किसानों को सीधे खेत से उपभोक्ताओं तक जोड़ने का माध्यम बनेगा। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।

विशेष बात यह है कि इस बाजार में महिलाओं को भी अपने उत्पाद बेचने के लिए अलग से मंच प्रदान किया जाएगा। स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को एक स्थायी और सुरक्षित बाजार मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परिकल्पना सफलतापूर्वक साकार होती है, तो यह मॉडल न केवल दुर्ग बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है। किसान सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ेंगे, पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान मिलेगी।

देश के पहले ‘साथी बाज़ार’ की यह पहल कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह महत्वाकांक्षी योजना कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतरती है।

By editor