कुम्हारी स्थित खारुन नदी का एक बड़ा हिस्सा जलकुंभी से पूरी तरह पट गया है। यह वही जगह है जहां आसपास के गांवों के लोग निस्तारी के लिए आते हैं और मवेशी भी इसी पानी पर निर्भर हैं। लेकिन हैरानी की बात ये है कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है, जबकि दो साल पहले इसी जगह जलकुंभी में फंसकर 9 जानवरों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। ऐसे में अब स्थानीय लोग फिर से किसी बड़े हादसे की आशंका जता रहे हैं। कुम्हारी स्थित खारुन नदी की ये तस्वीरें बेहद चिंताजनक हैं। आप देख सकते हैं कि नदी का जल पूरी तरह जलकुंभी से ढका हुआ है। यह जलकुंभी इतनी घनी हो चुकी है कि इसमें फंसना किसी भी जानवर के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। स्थानीय ग्रामीण रोजमर्रा के काम जैसे निस्तारी और पशुओं को पानी पिलाने के लिए इसी नदी का उपयोग करते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि करीब दो साल पहले इसी स्थान पर जलकुंभी में फंसकर 9 जानवरों की मौत हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। वही स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां बहुत ज्यादा जलकुंभी फैल गया है, जानवर पानी पीने आते हैं और फंसने का डर बना रहता है। दो साल पहले भी कई जानवरों की मौत हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई सफाई नहीं हुई है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द इसे हटाया जाए, नहीं तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है।” स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को जल्द से जल्द दूर करे, ताकि किसी और जान-माल का नुकसान न हो। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग कब जागता है और इस खतरे को खत्म करने के लिए क्या कदम उठाता है।

