दुर्ग में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की एक अनोखी लेकिन विवादित कार्रवाई अब कानूनी शिकंजे में आ गई है।
दुर्ग ट्रैफिक प्रभारी को साड़ी और चूड़ी भेंट करने पहुंचे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है।
मामला दुर्ग कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कुल पांच एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया है।
FIR दर्ज होने के बाद से सभी आरोपी कार्यकर्ता फरार बताए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक एनएसयूआई कार्यकर्ता साड़ी और चूड़ी लेकर ट्रैफिक प्रभारी युवराज साहू के पास पहुंचे थे।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह प्रतीकात्मक विरोध था, जिसके जरिए वे कानून के समान पालन की मांग कर रहे थे।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का आरोप है कि राज्य के मंत्री गजेंद्र यादव बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चला रहे थे, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब आम नागरिकों पर बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर सख्ती की जाती है, तो फिर जनप्रतिनिधियों पर नियम लागू क्यों नहीं होते।
बता दें कि कुछ दिन पहले मंत्री गजेंद्र यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे सुबह करीब 7 बजे कार्यकर्ताओं के साथ बिना हेलमेट बाइक चलाते नजर आए थे।
इस वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष और छात्र संगठनों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए थे।
इसी विरोध के तहत एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने ट्रैफिक प्रभारी के पास पहुंचकर साड़ी और चूड़ी भेंट की, जिसे पुलिस ने आपत्तिजनक और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाला कदम माना।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई शासकीय कार्य में बाधा और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने की श्रेणी में आती है।
फिलहाल दुर्ग कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार कार्यकर्ताओं की तलाश जारी है।
वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने कानून के समान पालन और राजनीतिक विरोध के तरीकों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

